अखिल भारतीय श्री मीना सामाजिक एवं शैक्षणिक समिति, कोटा की साधारण सभा का आयोजन दिनांक 21.12.2025 को दोपहर 12.30 बजे अध्यक्ष श्री लक्ष्मण मीना (IPS Retd) की अध्यक्षता में जय मीनेश आदिवासी विश्वविद्यालय, रानपुर कोटा के आडोटोरियम में किया जा रहा है। सभी सम्मानित सदस्य आमंत्रित है।

हमारी सामाजिक सेवायें

श्री मीना समाज, कोटा राजस्थान के तत्वाधान में आपके क्षेत्र समाज का सर्वे किया जा रहा हैं,और साथ में सदस्यता अभियान चलाया जा रहा है ! ताकि सदस्य बनकर विभिन्न योजनाओं का लाभ समाज को दिलाने में आपकी अहम भूमिका सकें ! इन मुख्य योजनाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए आपके सामने प्रस्तुत कर रहे हैं ! हमें आशा ही नहीं अपितु विश्वास हैं की आपका आशीर्वाद एवं सहयोग हमें प्राप्त होगा !

प्रमुख कार्य योजनायें : -
 संस्था को स्थापित करने का मूल उद्देश्य हर अनुसूचित जनजाति और अन्य समुदायों के बीच करीब सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध , सहयोग और आपसी समझ का मतलब द्वारा बढ़ावा देना।
 सामाजिक-आर्थिक एवं शैक्षिक विकास के क्षेत्र में अनुसूचित जनजातियों के अधिकारों , हितों और विशेषाधिकारों को आगे बढ़ाने में जागरूकता और अधिनियम बनाने , रक्षा , को बढ़ावा देना।
  आपसी सहयोग और इसी प्रकार के अन्य स्वैच्छिक और गैर- सरकारी संगठनों और संस्थान के सर्वश्रेष्ठ हित में शिक्षा के केंद्रों के साथ में समाज का प्रतिनिधित्व करना
  प्रत्यक्ष , पर्यवेक्षण और संस्थान की शाखाओं के कार्य का समन्वय ।
  अन्य राज्यों और भारत गणराज्य के संघ राज्य क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति के सहयोग में वृद्धि को सुरक्षित करने के लिए कार्य करना ।
  राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से अर्थव्यवस्था के गतिशील विकास के लिए अनुकूल अनुसूचित जनजाति का इष्टतम विकास को बढ़ावा देना।
  अधिग्रहण, खरीद , स्वयं के या संस्थान को आगे बढ़ाने के लिए , आवश्यक निपटान या पट्टे और चल या अचल संपत्ति की लीज पर लेने के लिए या किराया।
 आदिवासी संस्कृति , परंपराओं और भाषाओं की रक्षा करना एवं समाज को अग्रसर करने के लिए सतत करना ।
 समाज को संगठित करने और सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास करना ।
  प्रायोजक , दस्तावेज़ जनजातियों के बारे में सभी प्रासंगिक जानकारी और आदिवासी इतिहास और विरासत पर अनुसंधान / अध्ययन के कार्य को बढ़ावा देना,।
  विकसित और राजस्थान के आदिवासियों और देश के अन्य भागों के लिए शिक्षा का एक केंद्र के रूप में संस्थान को बढ़ावा देना।
  ओपन स्कूल, कालेज , हॉस्टल , पुस्तकालय, संग्रहालय और शिक्षा और सामाजिक विकास के के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण केन्द्रों का संचालन करना ।
 मेधावी और जरूरतमंद आदिवासी छात्रों को छात्रवृत्ति , किताबें और अन्य सुविधाएं प्रदान करना ।

 उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए पुरस्कार प्रदान करना ।
  अनुसूचित जनजाति समुदायों के सुधार के लिए विश्वविद्यालय शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं , सम्मेलनों, सेमिनारों और अनुसंधान के लिए कोचिंग , संगठित करने और अध्ययन पाठ्यक्रम की सुविधा , का कार्य करना ।
  सामाजिक के व्यापक संदर्भ में आदिवासी विकास के ज्ञान के प्रशिक्षण और समझ प्रदान करने के लिए आदिवासी विकास नीति के बारे में जानकारी , योजना और विकास उपक्रम द्वारा , या के लिए उपलब्ध कराने , पत्रिकाओं, रिपोर्ट, पर्चे, शोध पत्र और पुस्तकों के प्रकाशन , प्रचार-प्रसार करने के लिए , आर्थिक और सांस्कृतिक विकास के क्षैत्र में कार्य करना ।
  संस्थान के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए उपयुक्त स्थानों पर क्षेत्रीय केंद्रों की स्थापना करना ।
  समाज के लोगो को प्रेरित करने और उच्च शिक्षा , तकनीकी शिक्षा और व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं को शिक्षा के विकास के लिए कोचिंग कक्षाएं और आवासीय आवास स्थापित करना।
  नए साधनों और रोजगार के अवसर के संबंध में बेरोजगारी आदिवासी युवाओं का मार्गदर्शन करना।
  राजकीय सहायता कोष से छात्रावास के लिए जगह की मांग करना एवं छात्रावास का निर्माण करवाना !
 समाज की विधवाओं,बी.पी.एल. परिवार व अन्य गरीब ,असहाय लोगों को चिकित्सा सेवा और अन्य सहायता प्रदान करना
  समाज के हर परिवार को समाज की मुख्य धारा से जोड़ना ताकि हर परिवार को संस्था योजनाओं का लाभ मिल सकें !
  समाज के विकास और उन्नति के लिए समय-समय पर सभा का आयोजन करवाना और सभा में विचार-विमर्श करना !
  समाज में राजनैतिक चेतना लाने के लिए ग्राम पंचायत ,पंचायत समिति,नगर-निगम,जिला परिषद,विधानसभा एवं लोकसभा आदि चुनाव क्षेत्र में समाज के लोगो को आगे लाना और मदद करना !
  प्रतिभा,भामाशाह,पेंशनर कर्मचारी,बुजर्गो,गुरुजन सम्मान समारोह का आयोजन करना और युवक-युवती परिचय सम्मलेन आयोजन करना एवं युवक -युवती परिचय वेबसाइट पर उपलब्ध करवाना !
  समाज के लिए कम से कम 40 बीघा भूमि आवंटित करवाना एवं समाज के महापुरषों की प्रतिमाओ चौराहो पर लगवाना और कॉलेज,पार्क,गार्डन,भवन रोड आदि प्रायोजन उनके नाम से करवाना !
  मिलन समारोह आयोजित करवाना !
  समाज को संगठित करने और सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव प्रयास करना ।